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Mandi: मनरेगा में श्रमदिवस बढ़ाने पर फोकस, हर सोमवार होगी समीक्षा : उपायुक्त अपूर्व देवगन

December 18, 2025 | by ARB Times Team

एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी

उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने डीआरडीए सम्मेलन कक्ष में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा के लिए खंड विकास अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने मनरेगा के तहत श्रमदिवस बढ़ाने पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि पंचायत स्तर पर व्यक्तिगत श्रेणी के जो कार्य अब तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें तुरंत आरंभ करवाया जाए। इन कार्यों की नियमित समीक्षा प्रत्येक सोमवार को की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले ग्राम रोजगार सेवकों (जीआरएस) और तकनीकी सहायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष 53.19 लाख श्रमदिवस के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक केवल 37.97 लाख श्रमदिवस ही सृजित हो पाए हैं।

उन्होंने मनरेगा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उपायुक्त ने सभी बीडीओ को संबंधित सीडीपीओ के साथ स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जहां भूमि उपलब्ध न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है, वहां एफआरए केस बनाकर मामला आगे बढ़ाने को कहा गया। सभी बीडीओ को एक सप्ताह के भीतर निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिले में मनरेगा के अंतर्गत 76 आंगनबाड़ी केंद्र प्रस्तावित हैं, जिनमें से अभी तक केवल 32 का कार्य शुरू हो पाया है।

उपायुक्त ने मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगे केवल ई-केवाईसी पूर्ण होने की स्थिति में ही भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 3,21,520 श्रमिकों में से अब तक 2,20,845 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा अमृत सरोवर योजना चरण-दो के तहत प्रस्तावित 49 अमृत सरोवरों के निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सृजन है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उपायुक्त ने बताया कि मधु मांडव परियोजना के लिए प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग में मंडी जिला को शामिल किया गया है, जिससे परियोजना को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, जिला विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक, आईएएस प्रोबेशनर डॉ. मनु वर्मा सहित जिले के सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

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