शिमला। हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आश्वासन दिया है कि प्रदेश सरकार पेंशनरों के सभी लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान आगामी एक माह के भीतर पूर्ण करेगी। उन्होंने यह घोषणा हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण और आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कर्मचारी सरकार की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) बहाल की, जिससे 1 लाख 36 हजार से अधिक कर्मचारी लाभान्वित हुए। उन्होंने पूर्व सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके कारण कर्मचारियों और पेंशनरों की देनदारियों का समय पर निपटान नहीं हो पाया। वर्तमान सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सभी बकाया देनदारियों को देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
भाजपा का पलटवार – दावे नहीं, भुगतान देखकर खुश होंगे पेंशनर्स
भाजपा ने इस घोषणा को ‘झूठा आश्वासन’ बताते हुए प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार तीन वर्षों से पेंशनरों को केवल घोषणाओं का भरोसा दे रही है, जबकि भुगतान अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि हजारों पेंशनर्स लंबे समय से चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए भटक रहे हैं और यदि सरकार संवेदनशील होती, तो उन्हें आंदोलन करने की नौबत नहीं आती। उन्होंने ओपीएस बहाली को लेकर भी सरकार पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। पूर्व भाजपा सरकार पर लगाए गए कुप्रबंधन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी असफलताओं का ढांढस भाजपा पर डाल रही है। भाजपा शासन में कभी भी कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन, पेंशन या चिकित्सा बिलों के लिए सड़कों पर उतरना नहीं पड़ा।
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