एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की रामपुर इकाई द्वारा विभिन्न प्रदेश स्तरीय एवं महाविद्यालय स्तरीय मांगों को लेकर एक दिवसीय हस्ताक्षर अभियान आरंभ किया गया। इस अभियान के माध्यम से छात्र हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। अभियान में प्रमुख मांगों में छात्र संघ चुनावों की बहाली, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण रूप से लागू करना तथा सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाना शामिल है। इसके अतिरिक्त महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रणाली को समाप्त कर नियमित शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।
परिषद ने कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर भूमि को प्रदेश सरकार द्वारा हस्तांतरित कर हड़पने के प्रयासों पर रोक लगाने तथा कृषि विश्वविद्यालय में हो रहे शिक्षा के व्यापारीकरण को तत्काल बंद करने की मांग उठाई। साथ ही शोधार्थियों को मिलने वाली मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना को शीघ्र आरंभ करने पर भी जोर दिया गया।
प्रदेश के विश्वविद्यालयों — हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) एवं सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी (SPU) — में मूल्यांकन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने तथा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को समाप्त करने के प्रयासों को बंद करने की भी मांग की गई।
इसके अतिरिक्त केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला परिसर के भवन निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करवाने हेतु प्रदेश सरकार से पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में लंबित 30 करोड़ रुपये जल्द जमा करवाने की मांग रखी गई। परिषद ने प्रदेश सरकार से 5 लाख नौकरियों के दावों पर स्पष्टीकरण देते हुए स्थायी रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग भी की।
साथ ही हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था एवं बढ़ती नशाखोरी पर कड़ा संज्ञान लेने, रामपुर के पुराने बस अड्डे से महाविद्यालय तक पगडंडी का निर्माण करवाने तथा राजकीय महाविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार, एमएससी भौतिकी सहित अन्य रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी शामिल रही।
परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
