धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी ने व्यवस्था पतन के तीन साल, बदलो-बदलो भ्रष्ट कांग्रेस सरकार के नारे के साथ वीरवार को जोरावर स्टेडियम धर्मशाला में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि पहुंचे, जिन्होंने वर्तमान सरकार की नीतियों और निर्णयों को प्रदेश हितों के विपरीत बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार की कार्यशैली ने प्रदेश को विकास पथ से भटका दिया है। जिन वादों और गारंटियों के आधार पर सत्ता हासिल की गई थी, उनके पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं, बल्कि उल्टा प्रदेश पर कर्ज का बोझ और बढ़ गया। बिजली, पानी, टैक्स, शुल्क और आवश्यक सेवाओं में वृद्धि को जनता पर बोझ बताया गया। भाजपा नेताओं ने मंच से दावा किया कि यह जनसैलाब स्पष्ट संकेत है कि जनता अब परिवर्तन के लिए तैयार है और कांग्रेस सरकार के दिन गिनती के बचे हैं। नेताओं ने कहा कि विकास कार्य ठप पड़े हैं, योजनाएं बंद की गईं, युवाओं को रोजगार नहीं और किसानों-बागवानों को राहत नहीं मिली।
जयराम बोले- कांग्रेस नई योजनाएं शुरू करने में विफल
रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि तीन साल में सरकार के पास बताने के लिए एक भी नई योजना नहीं है। यही कारण है कि प्रदेश के कोने-कोने में सुक्खू सरकार को उखाड़ फेंकने के नारे लग रहे हैं। कांग्रेस न केवल नई योजनाएं शुरू करने में विफल रही है बल्कि भाजपा कार्यकाल की दर्जनों लोककल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया। लोग सरकार से नया कुछ मांग ही नहीं रहे, बल्कि यही कह रहे हैं कि हिमकेयर, शगुन-कन्यादान, गृहणी सुविधा, सहारा योजना और बंद स्कूल-कॉलेज बहाल कर दो। सुक्खू सरकार ने टॉयलेट टैक्स से लेकर बिजली, पानी और अंतिम संस्कार में उपयोग होने वाली लकड़ी पर भी कर लगा दिया है। कर्ज पर कर्ज लेकर कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
अनुराग बोले-सरकार नहीं चला सकते तो गद्दी छोड़ दें
भारतीय जनता पार्टी की रैली में पहुंचे सांसद अनुराग ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर सरकार नहीं चला सकते तो गद्दी छोड़ क्यों नहीं देते, फेविकोल की तरह क्यों चिपके हुए हैं? उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस के पैर उखड़ने शुरू हो चुके हैं। एक ओर धौलाधार की ऊंचाइयां हैं और दूसरी ओर युवाओं का जोश, जो कांग्रेस सरकार के खिलाफ साफ दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने प्रदेश को एक लाख करोड़ के कर्ज में धकेल दिया और सरकारी तंत्र चुनिंदा मित्रों को सौंप दिया है। केंद्र सरकार ने रेलवे के लिए हजारों करोड़ दिए, लेकिन प्रदेश सरकार अपने हिस्से के 1,400 करोड़ तक नहीं दे पाई। दूध के नाम पर प्रदेश को दोह लिया और पूरी अर्थव्यवस्था को गोबर में मिला दिया। देवभूमि अब अपराधों की भूमि बन रही है और सरकार की दसों गारंटियों पर विफलता साफ दिखाई दे रही है। क्या यही व्यवस्था परिवर्तन है? यह सरकार झूठ के प्रोपेगेंडा पर चल रही है, सच पर नहीं।
