एआरबी टाइम्स ब्यूरो
रामपुर बुशहर। गोविंद बल्लभ पंत मेमोरियल राजकीय महाविद्यालय, रामपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम ‘पुस्तक पर चर्चा’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध ऑस्ट्रियन मनोचिकित्सक विक्टर फ्रेंकल द्वारा रचित पुस्तक “Man’s Search for Meaning” पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग के तृतीय वर्ष के छात्र साहिल सहगल ने मुख्य वक्ता के रूप में पुस्तक की गहन व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक नाज़ी यातना शिविरों के दर्दनाक अनुभवों पर आधारित है, और बताती है कि सबसे कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य अपने जीवन का अर्थ खोज सकता है। फ्रेंकल की लोगोथेरेपी (Logotherapy) थ्योरी पर भी प्रकाश डाला गया, जो इस पुस्तक की मूल अवधारणा है।
इस कार्यक्रम में उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. हरीश कुमार तथा प्राचार्य डॉ. पंकज बसोतिया ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अनुराधा नेगी कनैन ने इस आयोजन के महत्व और उद्देश्य पर विस्तृत प्रकाश डाला। अंग्रेज़ी विभाग के प्रोफेसर राजेश कुमार नेगी ने कहा कि इस तरह के आयोजन शैक्षणिक वातावरण को सशक्त करते हैं और छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। कार्यक्रम में स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और पुस्तक से संबंधित अपने विचार साझा किए। समापन सत्र में डॉ. आशा गर्ग द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण डॉ. टी. डी. वर्मा, प्रो. प्रोमिला ठाकुर, डॉ. जितेंद्र साहनी, डॉ. सतपाल और प्रो. विक्की प्रभात भी उपस्थित रहे।
