एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में स्टेट न्यूट्रिशन पॉलिसी लागू करने की घोषणा की। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती और धात्री माताओं सहित सभी संवेदनशील वर्गों को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब को विश्वस्तरीय हाई-एंड तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे खाद्य पदार्थों का सूक्ष्म और सटीक विश्लेषण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, प्रारंभिक चरण में बद्दी, मंडी, कांगड़ा और शिमला में क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, और द्वितीय चरण में सभी जिलों में इस तरह की लैब खोली जाएंगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राज्य में न्यूट्रिशनल सर्विलांस को और सघन किया जाएगा। खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों की प्रोफाइलिंग और मैपिंग की जाएगी, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आंगनवाड़ी और मिड-डे-मील में वितरित खाद्यान्न की समय-समय पर जांच की जाएगी। साथ ही, विभाग की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए मोबाइल वैन के माध्यम से जागरूकता, प्रशिक्षण और जांच गतिविधियों को सभी जिलों में विस्तारित किया जाएगा। विभाग द्वारा सभी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण कर स्टेट पोर्टल और न्यूट्रिशन डेटाबेस तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों की कमी और कीटनाशकों के कारण बीमारियों में वृद्धि देखी जा रही है। इसलिए सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार निरंतर जारी है। हर चिकित्सा महाविद्यालय में आईसीयू स्थापित किए जा रहे हैं और अस्पतालों में विश्वस्तरीय डॉक्टर-पेशेंट अनुपात अपनाया जा रहा है।
बैठक में निदेशक डीडीटीजी डॉ. निपुण जिंदल, विशेष सचिव स्वास्थ्य अश्वनी शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन जितेन्द्र सांजटा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
