एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश को मंगलवार को नया राज्यपाल मिल गया। जम्मू के कविंद्र गुप्ता ने शिमला स्थित लोकभवन (राजभवन) में हिमाचल प्रदेश के 30वें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने उन्हें शपथ दिलाई। गुप्ता ने हिन्दी में शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश के हितों को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से पैरवी करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार और विपक्ष दोनों का सहयोग जरूरी है। राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर सभी पक्षों के साथ संवाद कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। राज्यपाल गुप्ता ने अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं का कल्याण, कौशल विकास आधारित शिक्षा और नशा मुक्ति अभियान को विशेष रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
शपथ समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के छह छंदों का गायन
राज्यपाल के शपथ समारोह में एक विशेष पहल भी देखने को मिली। इस दौरान पहली बार ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों का गायन किया गया। इस पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करने के लिए वंदे मातरम् के सभी छह छंदों को शिक्षण संस्थानों में पढ़ाया जाना चाहिए। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने पर विचार किया जाएगा।
राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन का लंबा अनुभव

हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता का जन्म 2 दिसंबर 1959 को जम्मू में हुआ। उनके पिता केंद्र सरकार के डाक विभाग में कार्यरत थे। 1963 में उनका परिवार पंजाब के संगरूर चला गया, जहां उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। इसके बाद उन्होंने फिरोजपुर और गुरदासपुर में पढ़ाई की और 1979 में गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज गुरदासपुर से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 1970 के दशक की शुरुआत में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और यहीं से उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई। आपातकाल (1975–1977) के दौरान उन्हें संघ के वरिष्ठ नेताओं के साथ गुरदासपुर और पटियाला जेल में भी रहना पड़ा। छात्र जीवन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने 1978–79 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पंजाब इकाई के सचिव के रूप में कार्य किया। बाद में 1988 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा जम्मू-कश्मीर का जिला अध्यक्ष बनाया गया। 1993 से 1998 तक वह युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
नगर निगम से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
कविंद्र गुप्ता का राजनीतिक सफर नगर निकाय से शुरू हुआ। वह जम्मू नगर निगम के पहले निर्वाचित महापौर बने और लगातार तीन कार्यकाल तक इस पद पर रहे। 2014 में वह जम्मू-कश्मीर के गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चुने गए। 18 मार्च 2015 को उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया और वह इस पद पर पहुंचने वाले भाजपा के पहले नेता बने। 30 अप्रैल 2018 को उन्हें जम्मू-कश्मीर का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। इसके बाद 14 जुलाई 2025 को उन्हें लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया। हाल ही में 5 मार्च 2026 को उन्हें हिमाचल का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जिसके बाद उन्होंने आज औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया।
