एआरबी टाइम्स ब्यूरो
मंडी। जिला स्तरीय समीक्षा समिति व जिला सलाहकार समिति की बैठक सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बैंकों को निर्देश दिए कि शिक्षा ऋण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रचार-प्रसार तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए बैंकों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
ग्राम सभाओं में वित्तीय साक्षरता शिविर लगाने के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल लेन-देन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी के लिए नियमित वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए जाएं। इससे ग्रामीण जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
एनआरएलएम और स्वरोजगार योजनाओं पर जोर
अपूर्व देवगन ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए बैंक अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया।
जिले का CD रेशो चिंताजनक
उपायुक्त ने जानकारी दी कि मंडी जिले का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशो (CD Ratio) 30.12% है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 60% है। इसे सुधारने के लिए बैंकों को ऋण वितरण बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से जोड़ने की आवश्यकता है।
लीड बैंक मैनेजर की रिपोर्ट
लीड बैंक मैनेजर चंद्र प्रकाश ने बताया कि 30 जून तक जिले में कुल जमा राशि ₹23,874.84 करोड़ और अग्रिम ₹7,190.76 करोड़ रही। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 97 मामलों में कार्रवाई हुई, जिनमें 10 स्वीकृत हुए हैं। एनआरएलएम के अंतर्गत 286 स्वयं सहायता समूहों को ₹901.40 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया है।
बैठक में प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, आरबीआई एलडीओ तरुण चौधरी (ऑनलाइन), मुख्य प्रबंधक पीएनबी पीडी शर्मा, निदेशक आरसेटी सुरेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक सहित अन्य विभागों के अधिकारी व बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।