एआरबी टाइम्स ब्यूरो, सिरमौर
जिला सिरमौर के खड़कोली में वर्ष 2019 में हुए दर्दनाक डीएवीएन स्कूल बस हादसे को लेकर आखिरकार अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट उपासना शर्मा की अदालत ने इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य धनेंद्र गोयल को लापरवाही का दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं के तहत दो वर्ष की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है। इस हादसे में पांच मासूम विद्यार्थियों सहित बस चालक की जान चली गई थी, जबकि कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे।
अदालत ने प्रधानाचार्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 336 के तहत तीन महीने की साधारण कैद और 250 रुपये जुर्माना, धारा 337 के अंतर्गत चार महीने की कैद और 500 रुपये जुर्माना, धारा 338 के तहत एक साल की कैद और 1000 रुपये जुर्माना, धारा 304-ए के तहत दो साल की कैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 के तहत 1000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 15 दिन की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी माना कि जिस चालक को बस सौंपी गई थी उसके पास भारी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस नहीं था और न ही उसके पास आवश्यक पांच वर्षों का अनुभव था। इसके अलावा, बस की हालत बेहद खराब थी और उसकी मरम्मत करवाना प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्होंने इसमें लापरवाही बरती। जांच में हादसे का मुख्य कारण बस में आई मैकेनिकल खराबी पाया गया।
अदालत में पेश गवाहों के बयानों से भी यह स्पष्ट हुआ कि कई बार शिकायतों के बावजूद बस न तो बदली गई और न ही उसकी मरम्मत करवाई गई। इसी लापरवाही के चलते इतना बड़ा हादसा हुआ।
