एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला/मंडी
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर कहर बरपाया है। सोमवार रात हुई भारी बारिश और भूस्खलन से मंडी जिले के कई इलाकों में तबाही का मंजर देखने को मिला। मंडी के धर्मपुर क्षेत्र में मां-बेटे समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, एचआरटीसी का धर्मपुर बस स्टैंड पूरी तरह से जलमग्न हो गया और यहां खड़ी कई बसें व निजी वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए।
मरने वालों की पहचान तांगू देवी (33), कमला देवी (33) और कमला का आठ वर्षीय बेटा भीष्म सिंह के रूप में हुई है। जबकि खूब राम और उनकी पत्नी दर्शन देवी को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी और डीएसपी भारत भूषण सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। लगातार बारिश और बंद मार्गों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
धर्मपुर में सोन खड्ड का कहर
धर्मपुर में बहने वाली सोन खड्ड ने भारी बारिश के बाद विकराल रूप धारण कर लिया। सोमवार रात करीब 11 बजे से शुरू हुई बारिश आधी रात तक रौद्र रूप में बदल गई। तेज बारिश के कारण खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ गया और देखते ही देखते धर्मपुर बस स्टैंड पानी में डूब गया। यहां खड़ी निगम की बसें पानी में समा गईं जबकि कुछ बसें और निजी गाड़ियां बहाव के साथ बह गईं।
बस स्टैंड के आसपास बने घर और दुकानें भी पानी में डूब गईं। कई परिवारों को घर छोड़कर ऊपरी मंजिलों और छतों पर शरण लेनी पड़ी। धर्मपुर में एक छात्रावास में रह रहे 150 बच्चों ने तीसरी मंजिल पर चढ़कर अपनी जान बचाई। इस दौरान क्षेत्र में हाहाकार मच गया और लोग रातभर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते रहे।
शिमला में भूस्खलन से वाहनों को नुकसान
उधर, राजधानी शिमला भी भारी बारिश से प्रभावित हुआ। हिमलैंड और बीसीएस क्षेत्र समेत कई इलाकों में भूस्खलन हुआ। इस दौरान 20 से अधिक वाहन मलबे की चपेट में आ गए। हिमलैंड में सर्कुलर रोड भी देर रात बंद हो गया। तेज बारिश से कई स्थानों पर पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। करीब एक घंटे तक हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
पहले भी हो चुकी है बड़ी तबाही
गौरतलब है कि इससे पहले सुंदरनगर उपमंडल के जंगमबाग में भूस्खलन की घटना में सात लोगों की मौत हो चुकी है। अब निहरी तहसील और धर्मपुर क्षेत्र में तीन और मौतों के बाद जिला मंडी में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही बारिश के चलते प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने राज्य के छह जिलों — बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। सोमवार तक प्रदेश में 490 सड़कें, 352 बिजली ट्रांसफार्मर और 163 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। विभाग ने 21 सितंबर तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।