एआरबी टाइम्स ब्यूरो, बिलासपुर
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि भारी बरसात के कारण जिला बिलासपुर में अब तक लगभग 186 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। वे घुमारवीं में आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंत्री ने बताया कि जिले में लोक निर्माण विभाग को 123 करोड़, जलशक्ति विभाग को 42 करोड़ और बिजली बोर्ड को लगभग 79 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बरसात से लोक निर्माण विभाग की 25 सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिनमें से अधिकांश बहाल हो चुकी हैं। शेष मार्गों को जल्द खोलने के लिए अधिकारियों को युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जलशक्ति विभाग की 1019 योजनाएं प्रभावित हुई थीं, जिनमें से 977 बहाल हो चुकी हैं और शेष 42 योजनाओं को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल आपूर्ति बहाल करना प्रशासन की प्राथमिकता है। बरसात से 246 बिजली खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और लगभग 79 लाख का नुकसान आंका गया। बिजली लाइनों की मरम्मत तेजी से की जा रही है।संरचनात्मक क्षति का आकलन करते हुए धर्माणी ने बताया कि जिले में कुल 9 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज हुआ है। इसमें 22 पक्के और 55 कच्चे घर पूरी तरह से नष्ट हुए हैं। इससे लगभग 2.62 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। प्रभावित परिवारों को 75 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। आंशिक रूप से 522 घर, रसोई और शौचालय क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनसे 4 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा 710 गौशालाएं, दुकानें और स्टोर क्षतिग्रस्त हुए, जिनसे साढ़े 9 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब तक सरकार की ओर से साढ़े पांच लाख रुपये फौरी राहत, 1045 तिरपाल, सूखा राशन और कंबल वितरित किए जा चुके हैं। जिले में 8 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें 24 परिवारों के 102 लोगों को आश्रय दिया गया है। इसके अलावा वर्षा प्रभावित 104 परिवारों के 466 लोगों को किराये के मकान भी उपलब्ध करवाए गए हैं।
