एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। प्रदेश शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के जुब्बल-कोटखाई उपमंडल का दौरा किया और आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने विकास भवन कोटखाई और विश्राम गृह हाटकोटी में आपदा राहत कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष उत्तरी भारत में मानसून के सीजन के दौरान सामान्य से कहीं अधिक बारिश हुई है, जिसके चलते हिमाचल प्रदेश को भी भारी आपदा का सामना करना पड़ा है। मंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। विशेष ध्यान सेब सीज़न पर रखा गया है, ताकि बागवानों के सेब समय पर बाजार में पहुंच सकें और जन सामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मंत्री ने कहा कि जुब्बल उपमंडल में 73 मकान प्रभावित हुए हैं, जिनमें 65 आंशिक रूप से और 8 पूर्ण रूप से प्रभावित हैं। वहीं, कोटखाई में 41 मकान प्रभावित हुए हैं और टिक्कर में 29 मकान आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। राहत कार्यों के तहत प्रभावितों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि ऊपरी शिमला में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़कों को क्षति पहुंची है। इन सड़कों के मरम्मत कार्यों पर 37 करोड़ रुपये का खर्च आया है, और जुब्बल मण्डल में 172 सड़कों में से 21 बंद पड़ी हैं। इसके अलावा, कोटखाई और टिक्कर उपमंडल में भी सड़कों को नुकसान हुआ है, जिसके कारण कुल नुकसान 43 करोड़ रुपये के करीब है।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सड़कों के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देने और सेब सीज़न के मद्देनज़र राहत कार्यों को तेज़ गति से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, विद्युत और जल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जहां विद्युत विभाग ने जुब्बल-कोटखाई मण्डल में 2 करोड़ रुपये और टिक्कर मण्डल में 14 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार एमआईएस के तहत सेब खरीद कार्य को सुनिश्चित कर रही है और एचपीएमसी द्वारा 77 खरीद केंद्रों पर यह प्रक्रिया जारी है। अगले एक सप्ताह में सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा और सामान्य जन जीवन की बहाली की जाएगी।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री के साथ मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता (लोक निर्माण विभाग), डीएफओ ठियोग, उपमंडलाधिकारी जुब्बल-कोटखाई और अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
