एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में अत्याधुनिक थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए ठोस कदम उठा रही है और आने वाले एक वर्ष के भीतर आईजीएमसी शिमला सहित चमियाना, नेरचौक, हमीरपुर और टांडा मेडिकल कॉलेजों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर हाई-एंड मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसी बीच, मुख्यमंत्री ने रामपुर के विधायक एवं सातवें राज्य वित्त आयोग के चेयरमैन नंदलाल से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

आईजीएमसी शिमला में रामपुर के विधायक नंदलाल से मिलते सीएम सुक्खू। डीपीआर
20 साल पुरानी मशीन की जगह लगी नई तकनीक
मुख्यमंत्री ने बताया कि आईजीएमसी में स्थापित नई थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन ने करीब 20 वर्ष पुरानी मशीन का स्थान लिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल मशीन बदलने का मामला नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी विशेष मांग के भी अस्पतालों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवा रही है, ताकि आम और गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। सरकार का उद्देश्य है कि हिमाचल के मरीजों को गंभीर जांच और उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ या निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने उन्हें अवगत कराया था कि आईजीएमसी और केएनएच में कई मशीनें काफी पुरानी हो चुकी हैं, जिससे जांच में देरी और तकनीकी दिक्कतें आती थीं।
दिल्ली-हिमाचल पुलिस विवाद पर प्रतिक्रिया
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हालिया विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की पुलिस को कार्रवाई से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए। उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस को हिमाचल में कार्रवाई से पूर्व राज्य पुलिस को जानकारी देनी चाहिए थी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की पुलिस बिना सूचना कार्रवाई नहीं कर सकती।
मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित 3 टेस्ला एमआरआई मशीन से प्रदेशभर से आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। अब लंबी वेटिंग से छुटकारा मिलेगा और जांच रिपोर्ट भी जल्दी उपलब्ध हो सकेगी। नई मशीन की उच्च स्तरीय इमेजिंग तकनीक से न्यूरोलॉजी, मस्कुलोस्केलेटल और वेस्कुलर एमआरआई सहित जटिल रोगों का सटीक पता लगाया जा सकेगा। इससे मरीजों को चंडीगढ़ स्थित पीजीआई जाने की आवश्यकता कम होगी।
MRI स्कैन शुल्क
सिर, गर्दन, रीढ़, हड्डी, कंधे, पेट और चेस्ट का एमआरआई: ₹3,000
पूरे शरीर का एमआरआई: ₹4,000
सरकार का दावा है कि यह दरें निजी अस्पतालों की तुलना में काफी किफायती हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
