एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश के लोगों को अब अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में हाईटेक रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को 28.44 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस अत्याधुनिक सुविधा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी शुरू होने से प्रदेश के मरीजों को सटीक, सुरक्षित और आधुनिक उपचार अपने राज्य में ही मिल सकेगा। इससे पहले चमियाना अस्पताल, नेरचौक मेडिकल कॉलेज और टांडा में रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है।
रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से जनरल सर्जरी, गैस्ट्रो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और गायनकोलॉजी जैसे विभागों में जटिल ऑपरेशन किए जा सकेंगे। इस तकनीक में छोटा चीरा लगता है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है। आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन का खर्च करीब 30 हजार रुपये रखा गया है। वहीं, स्पेशल वार्ड लेने वाले मरीजों को लगभग 50 हजार रुपये तक खर्च करना होगा। यह सुविधा निजी अस्पतालों की तुलना में काफी सस्ती मानी जा रही है।

3-टेस्ला एमआरआई मशीन भी होगी स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी में अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन भी स्थापित की गई है, जिससे मरीजों की जांच और अधिक सटीक और बेहतर तरीके से हो सकेगी। अगले एक महीने में हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की जाएगी। इसके अलावा कुल्लू और अन्य दूरदराज के क्षेत्रों के प्रमुख अस्पतालों में भी यह सुविधा शुरू करने पर सरकार विचार कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इसके लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। आईजीएमसी शिमला, चमियाना और टांडा मेडिकल कॉलेज में उन्नत मेडिकल लैब भी स्थापित की जा रही हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. गोपाल बेरी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
