एआरबी टाइम्स ब्यूरो | धर्मशाला
KCC Bank Loan Scam : कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसी) की चौगान बैजनाथ शाखा में वर्ष 2007 में हुए कथित ऋण घोटाले को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) बैजनाथ के आदेशों पर बीड़ थाना पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह केस याचिकाकर्ता राजेश कुमार निवासी कोटली, डाकघर गुनेहड़, तहसील बैजनाथ की शिकायत पर दर्ज हुआ है।
शिकायतकर्ता के अनुसार मई 2007 में उन्हें बैंक शाखा में बुलाया गया और भ्रामक परिस्थितियां पैदा कर विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। आरोप है कि पूरी कार्रवाई एक नामी होटलियर को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई।शिकायत में कहा गया है कि बैंक अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार करते हुए 4 मई 2007 को तीन लाख रुपये का ऋण जारी कर दिया, जबकि संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर बाद में 17 मई को करवाए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में हस्ताक्षर लेकर ऋण प्रक्रिया को वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
मामले में यह तथ्य भी सामने आया है कि जिस भूखंड को ऋण के लिए गिरवी दिखाया गया, उसकी कीमत कथित तौर पर मात्र 44 हजार रुपये आंकी गई थी, जो उस समय के बाजार मूल्य की तुलना में बेहद कम बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने इसे बैंकिंग नियमों की खुली अवहेलना और अधिकारियों की मिलीभगत का संकेत बताया है। अदालत के निर्देशों के बाद पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजन मेहता, समीर सूद निवासी बैजनाथ और गारंटर नीरज कुमार निवासी उस्तेहड़, तहसील बैजनाथ के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि न्यायालय के आदेशानुसार धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बैंक रिकॉर्ड, ऋण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि और तथ्य सामने आते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला पुराना होने के कारण दस्तावेजी साक्ष्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जा रहा है। संबंधित बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की संभावना भी जताई गई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
