एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को शिमला में प्रेस वार्ता में कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र से भरपूर सहयोग लेने के बावजूद लगातार केंद्र और प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि वास्तविक मुद्दा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का उल्लेख नहीं, बल्कि राज्य सरकार का वित्तीय प्रबंधन है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद यदि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद हुई है तो प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि वह बेहतर वित्तीय प्रबंधन करे। अपनी नाकामियों का दोष केंद्र या पूर्व सरकारों पर डालना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्थिति संभाल नहीं पा रही है तो जनता के सामने सच्चाई रखनी चाहिए।
विधानसभा में गलत तथ्य रखने का आरोप
जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा परंपरा का हिस्सा है, लेकिन सरकार राजनीतिक प्रस्ताव लाने पर आमादा थी। मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान कई तथ्य गलत ढंग से प्रस्तुत किए गए और विपक्ष को उन्हें सुधारने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज कराने के लिए भाजपा विधायकों को सदन के वेल में जाना पड़ा। नेता प्रतिपक्ष ने वित्त आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान 12वें और 13वें वित्त आयोग में हिमाचल को लगभग ₹18,000 करोड़ अनुदान मिला, जबकि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 14वें और 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग ₹89,254 करोड़ की सहायता मिली। उन्होंने दावा किया कि यह सहायता पांच गुना से अधिक है।
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बोले – भाजपा सहयोग को तैयार, आर्थिक स्थिति का गलत चित्रण सहन नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगभग ₹40,672 करोड़ ऋण लिया गया और लगभग ₹38,276 करोड़ वापस किया गया। अंतिम वित्तीय वर्ष में लगभग ₹6,500 करोड़ की उधार सीमा उपलब्ध होने के बावजूद उसे नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आते ही वर्तमान सरकार ने ₹6,900 करोड़ का कर्ज लिया और उसे भाजपा के खाते में डाला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं आर्थिक संकट बढ़ने की आशंका जता चुके हैं। ऐसे में संकट का राजनीतिकरण करने के बजाय ठोस नीति और वित्तीय अनुशासन पर ध्यान देना चाहिए। भाजपा प्रदेश हित में सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन यदि आर्थिक स्थिति का गलत चित्र प्रस्तुत कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया तो भाजपा तथ्य और आंकड़ों के साथ जवाब देगी।
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