एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के ऑनलाइन पास बनाने के लिए 236 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेने की कड़ी निंदा की है। पूर्व में महिलाओं के हिम बस कार्ड बनवाने पर भी ऑनलाइन प्रक्रिया में प्रति कार्ड 54 रुपये लिए गए थे। उदाहरण के लिए, एक घर में चार महिलाओं के कार्ड बनवाने पर कुल 216 रुपये केवल कार्ड बनाने में ही खर्च हो गए। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के 390 रूट बंद कर दिए गए।
राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट और राज्य सचिव फालमा चौहान कहा कि अब एचआरटीसी बच्चों के ऑनलाइन पास के लिए 236 रुपये अतिरिक्त लेने की बात कर रहा है, जो जनता की जेब पर डाका डालने के समान है। जनवादी महिला समिति की मांग है कि बच्चों के पास पहले की तरह सीधे एचआरटीसी काउंटर पर बनें, बशर्ते वहां पर्याप्त कुशल कर्मचारी और काउंटर संख्या हो।
अभिभावकों पर पहले ही किताबें, कॉपियां, जूते और बर्दी आदि महंगे दामों में पड़ रहे हैं और सरकारी स्कूलों ने फीस कई गुना बढ़ा दी है। इस महंगाई ने माता-पिता की कमर तोड़ दी है। जनवादी महिला समिति मांग करती है कि महिलाओं और बच्चों से लिए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को तुरंत वापस लिया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो समिति इसके खिलाफ प्रदर्शन करेगी।
