एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
जिला शिमला में 21 दिसंबर राष्ट्रीय पोलियो टीकाकरण दिवस के अवसर पर 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 57,010 बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन पिलाई जाएगी। इसको लेकर उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला टीकाकरण टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत की पोलियो मुक्त स्थिति को बनाए रखना है। अभियान तीन से चार दिनों तक चलेगा।
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21 दिसंबर को बूथ दिवस रहेगा, जिसमें तय केंद्रों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।
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22 से 24 दिसंबर तक मॉप-अप राउंड चलेगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर छूटे बच्चों को टीका लगाएंगे।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला के प्रवेश द्वार पर विशेष पोलियो बूथ स्थापित किया जाएगा, जहां स्थानीय कलाकारों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो ड्रॉप्स पिलाएं।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए। झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, निर्माणाधीन स्थलों, बस स्टैंड और प्रवासी मजदूर क्षेत्रों को विशेष रूप से लक्षित किया जाएगा।
स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान
उपायुक्त ने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से जिला के स्कूलों में हाइजीन और बीमारियों से बचाव को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
पोलियो कैसे फैलता है
पोलियो वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क, दूषित पानी-भोजन और साफ-सफाई की कमी से फैलता है। यह खांसी-छींक की बूंदों से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है। वायरस लंबे समय तक पानी में जीवित रह सकता है।
भारत और हिमाचल में पोलियो स्थिति
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भारत में अंतिम पोलियो केस: 2011
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भारत पोलियो मुक्त घोषित: 2014
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हिमाचल में अंतिम केस: 17 अक्टूबर 2009 (सोलन)
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वर्ष 2024 में विश्वभर में 62 केस (पाकिस्तान, अफगानिस्तान, मोजांबिक)
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वर्ष 2025 में अब तक 38 केस (पाकिस्तान और अफगानिस्तान)
जिला में 743 पोलियो बूथ
जिले में कुल 743 बूथ स्थापित किए जाएंगे। इनमें शिमला शहरी, रामपुर, नेरवा, मशोबरा, कोटखाई, चिढ़गांव सहित सभी विकास खंड शामिल हैं।
क्या है पोलियो
पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो तंत्रिका तंत्र पर हमला कर लकवा या मृत्यु तक का कारण बन सकती है। इसका कोई इलाज नहीं है, लेकिन टीकाकरण से पूरी तरह बचाव संभव है।
