एआरबी टाइम्स ब्यूरो, किन्नौर
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिले के रक्छम गांव में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने 80 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भवन और 27 लाख रुपये की लागत से बने पशु औषधालय भवन का विधिवत उद्घाटन किया। साथ ही, 44 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बौद्ध सामुदायिक भवन का शिलान्यास भी किया।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पशुपालन जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि आधुनिक विद्यालय भवन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी।
इसके अतिरिक्त, किन्नौर जिले के सांगला, रिकांगपिओ, कानम और भावानगर स्थित चार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को CBSE बोर्ड से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि रक्छम गांव के लिए आइस स्केटिंग रिंक स्वीकृत किया गया है और जल्द ही इसका निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। साथ ही, सीवरेज योजना के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। मंत्री ने इस दौरान 30 से अधिक स्थानीय नागरिकों की जन समस्याएं भी सुनीं और उनके त्वरित समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यहां के लोग भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
इस मौके पर एपीएमसी शिमला-किन्नौर के डायरेक्टर उमेश नेगी, किनफेड डायरेक्टर पीताम्बर दास, एसडीएम कल्पा अमित कल्थाईक, उपनिदेशक उच्च शिक्षा कुलदीप डोगरा, स्थानीय पंचायत प्रधान सुशील कुमार, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।