एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
लोकल कमेटी रामपुर ने पार्टी की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर अमेरिका-भारत व्यापार समझौते और देश की संप्रभुता पर हो रहे हमलों के खिलाफ रामपुर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीएम लोकल कमेटी सचिव कुलदीप सिंह, रणजीत ठाकुर, प्रेम चौहान, राजपाल, मिलाप नेगी, देविंदर, और हितेश भारती ने कहा कि अमेरिका पिछले छह महीनों में बिना युद्ध के सात देशों पर 658 हवाई हमले कर अपनी साम्राज्यवादी नीति को तीव्रता से लागू कर रहा है। उनका कहना था कि अमेरिकी आर्थिक संकट के कारण वह दूसरे देशों पर अपनी नीतियाँ थोपने में तेजी ला रहा है, जैसा कि दिसंबर 2025 में जारी अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति 2025 से स्पष्ट है।
सीपीएम नेताओं ने कहा कि अमेरिका दुनिया के प्रमुख तेल, गैस, सोने और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (कोल्टान और थोरियम) के भंडार पर कब्जा करने के लिए देशों पर हमले और टैरिफ का प्रयोग कर रहा है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के विवरण सामने आने से पता चला है कि केंद्र सरकार ने अमेरिका को व्यापक रियायतें दी हैं। इनमें फलों, कपास, मेवों, सोयाबीन तेल और अन्य कृषि उत्पादों पर शून्य टैरिफ शामिल हैं। इससे देश भर के किसानों, विशेषकर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के सेब, कपास और सोया उत्पादक गंभीर नुकसान का सामना करेंगे।
सीपीएम नेताओं ने कहा कि समझौते के तहत भारतीय किसानों के लिए समर्थन और सब्सिडी कम हो जाएगी, जिससे अमेरिकी कृषि उत्पादों के मुकाबले उनकी उत्पादकता और लाभप्रदता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा, समझौता भारत की राष्ट्रीय संप्रभुता पर भी गंभीर खतरा है, क्योंकि इसमें अमेरिका द्वारा नीतिगत निर्देशों का पालन कराने के लिए निगरानी तंत्र और टैरिफ की धमकियों का प्रावधान है।
कुलदीप सिंह ने जोर देकर कहा कि सरकार द्वारा अमेरिकी रक्षा आपूर्ति पर निर्भरता बढ़ाने का वादा भी देश के रणनीतिक हितों के लिए हानिकारक है।
सीपीएम की मांग है कि:
अमेरिका के साथ समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
सरकार किसी भी ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले किसानों, श्रमिकों और आम जनता के हितों की रक्षा करे।
भारत को अमेरिका का जूनियर पार्टनर बनने की नीति को त्यागना चाहिए।
