एआरबी टाइम्स ब्यूरो, सिरमौर
सिरमौर जिले के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में रविवार को आयोजित विशाल जनसभा में Thakur Sukhvinder Singh Sukhu ने भाजपा नेताओं पर प्रदेश हितों के प्रति उदासीन होने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्या वे हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान (RDG) दिलाने के पक्ष में हैं। मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दूध पर पहले से ही समर्थन मूल्य लागू है और जल्द ही अदरक पर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी दिया जाएगा, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
सुक्खू ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में कई योजनाओं की घोषणाएँ की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर सराहां अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जाएंगे और अल्ट्रासाउंड मशीन भी स्थापित होगी। इसके अलावा, सराहां में सीबीएसई स्कूल खोला जाएगा और सराहां-चंडीगढ़ सड़क मार्ग को डबललेन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता दयाल प्यारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश के विकास में सभी जनप्रतिनिधियों के सुझावों का स्वागत किया जाएगा। सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई एस परमार को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यवासियों के हितों की रक्षा के लिए धारा 118 का प्रावधान किया। उन्होंने बताया कि डॉ. परमार के समय से हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहा, लेकिन 16वें वित्त आयोग ने 77 साल पुरानी इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अनुदान सरकार का नहीं, बल्कि प्रदेश के लोगों का अधिकार है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि सर्वदलीय बैठक में भाजपा ने न तो किसी स्पष्ट जवाब दिया और न ही हिमाचल के हितों के लिए कोई कदम उठाया, बल्कि बैठक से वॉकआउट कर दिया। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि प्रदेश को 10,000 करोड़ रुपए की कटौती का मुद्दा जनता के समक्ष क्यों नहीं रखा गया। सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाए कि उन्हें मिलने वाली अतिरिक्त धनराशि का सही उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश को 70,000 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिले, लेकिन उनका लाभ प्रदेशवासियों तक नहीं पहुंचा। इसके कारण प्रदेश पर 76,000 करोड़ रुपए का कर्ज और 10,000 करोड़ रुपए की देनदारियां बढ़ गईं। उन्होंने कहा कि कई सरकारी भवन सिर्फ निजी मित्रों के लिए बनवाए गए।
उद्योग मंत्री Harshvardhan Chauhan ने बताया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक, आर्थिक और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हुए विकास को जारी रखा। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल अकेले वॉकआउट कर गए, जबकि पांच अन्य विधायक बैठक में मौजूद रहे और काफी देर तक विचार करने के बाद बाहर गए।
मुख्यमंत्री ने गरीब, अनाथ और विधवा महिलाओं के बच्चों के लिए नई योजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि 6,000 अनाथ बच्चों को “Children of the State” के तहत अपनाया गया है और उन्हें 27 वर्ष की आयु तक सरकार समर्थन देगी। इसके साथ ही विधवा महिलाओं के बच्चों को प्रदेश के बाहर शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। सुक्खू ने सेना में जाने वाले हिमाचल के युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र की अग्निवीर योजना ने प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय किया। उन्होंने मनरेगा योजना पर भी निशाना साधा, कहा कि केंद्र ने इसका स्वरूप बदलकर योजना की आत्मा ही मार दी।
जनसभा में पच्छाद की विधायक रीना कश्यप, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर और कांग्रेस नेता दयाल प्यारी ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता ने भी मुख्यमंत्री के साथ खड़े होने का भरोसा जताया।
इस अवसर पर विधायक अजय सोलंकी, विनोद सुल्तानपुरी, पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह, सोलन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष वरमाणी, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष नासिर खान, एपीएमसी सिरमौर के अध्यक्ष सीताराम शर्मा और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचलवासियों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और इसमें जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वे प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल करवाएं।
