एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
रामपुर बुशहर में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय फाग मेले को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर परिषद कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी (नागरिक) हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
5 से 8 मार्च तक होगा फाग मेला

अधिकारियों ने बताया कि रामपुर फाग मेला 2026 का आयोजन 5 मार्च से 8 मार्च तक ऐतिहासिक राज दरबार रामपुर परिसर में किया जाएगा। 5 मार्च को प्रातः 11 बजे देवी-देवताओं के पारंपरिक आगमन के साथ मेले का शुभारंभ होगा, जबकि 8 मार्च को विधिवत विदाई के साथ समापन किया जाएगा। उपमंडलाधिकारी ने पुलिस, जल शक्ति, विद्युत, नगर परिषद, अग्निशमन और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मेले के दौरान कानून व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, यातायात प्रबंधन, पार्किंग और अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और बाहरी जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
2 मार्च को होगा प्लॉट आबंटन
रामपुर फाग मेला 2026 में दुकानें लगाने के लिए 2 मार्च 2026 को प्लॉट आवंटन किया जाएगा। व्यापारियों को निर्धारित स्थानों पर ही दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी ताकि अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अस्थायी दुकानों, खानपान स्टॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नियमों का पालन अनिवार्य होगा। मेले के दौरान शिमला और कुल्लू जिलों से 21 देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया है। चारों दिन देवलू पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर लोक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। उत्कृष्ट पारंपरिक नृत्य करने वाले दलों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। नगर परिषद रामपुर की ओर से सभी आमंत्रित देवी-देवताओं को पारंपरिक नजराना प्रदान किया जाएगा, जिसमें इस वर्ष 5 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
फाग मेला देव परंपरा का प्रतीक माना जाता है। ऐतिहासिक राज दरबार परिसर में आयोजित यह मेला क्षेत्र की समृद्ध देव संस्कृति, लोक आस्था और पारंपरिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। उपमंडलाधिकारी ने कहा कि फाग मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव है। सभी विभागों और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से इसे सफल और यादगार बनाया जाएगा।
इन देवी-देवताओं को दिया गया है निमंत्रण
रामपुर फाग मेला 2026 के लिए शिमला और कुल्लू से कुल 21 देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया है। इनमें देवता साहिब जाख रचोली, दत्त महाराज बसाहरू, काजल देवता गसो, छट्टू कीम, यशेश्वर शिंगला, परशुराम डंसा, झाखरू नाग शनेरी, देवी दुर्गा वाड़ी, झाखरू नाग धारा सरगा, पल्थान देवता देलठ, नरसिंह सूमा, मंगलेश्वर देवनगर, पंचवीर कमडाली बोंडा सराहन, डावर कुंड चाटी, थानेश्वर कलेडा, दुर्गा माता गांवबील, कुईंरी महादेव आनी, बुढा सरोहनी कुल्लू सराहन, छिज्जा कालेश्वर देवठी और चंबू कशोली शामिल हैं।
