एआरबी टाइम्स ब्यूरो
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला में एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने दोगुने मुनाफे का लालच देकर पीड़ित को जाल में फंसा लिया। जब अधिकारी ने निवेश की गई रकम निकालने की कोशिश की तो शातिरों ने टैक्स अदायगी का बहाना बनाकर अतिरिक्त रकम मांगनी शुरू कर दी।
कैसे हुआ फ्रॉड?
पीड़ित ने बताया कि कुछ समय पहले उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए एक कथित ट्रेडिंग प्लेटफार्म की जानकारी दी गई। इसके बाद एक लिंक भेजकर उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा गया।
ग्रुप में जुड़े लोगों ने शुरुआत में 1-2 हजार रुपये निवेश करने की सलाह दी।
बेहतर रिटर्न दिखाकर भरोसा जीत लिया गया।
अधिकारी ने एक लाख रुपये निवेश किए और डेढ़ लाख रुपये का बैलेंस दिखाया गया।
रिटर्न देखकर अधिकारी का भरोसा बढ़ा और उन्होंने आगे निवेश जारी रखा। कुल 15 ट्रांजेक्शन में उन्होंने एक करोड़ रुपये निवेश कर दिए। इस रकम में करीब 12 लाख रुपये उनके दोस्तों से उधार लिए गए थे।
टैक्स अदायगी के नाम पर ठगी
कुछ दिन पहले जब अधिकारी ने पैसे निकालने की बात कही तो शातिरों ने 25 लाख रुपये टैक्स देने की शर्त रख दी। अधिकारी ने कहा कि टैक्स राशि सीधे उनके ट्रेडिंग खाते में मौजूद पैसों से काट ली जाए, लेकिन ठगों ने मना कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि ठगों के बैंक खातों की जांच की जा रही है और जल्द ही इस साइबर फ्रॉड के आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
