एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
हिमाचल किसान सभा अरसु क्षेत्र की बैठक विश्राम गृह अरसु में संपन्न हुई। बैठक में किसानों की जमीनों से बेदखली और मकानों में की जा रही बाड़बंदी के विरोध में 29 अक्टूबर को लुहरी में होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा निरमंड ब्लॉक के अध्यक्ष देवकी नंद ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब और लघु किसानों को उनकी जमीनों से बेदखल कर उनके जीने के अधिकार को छीन रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को बेदखल किया जा रहा है, वे अधिकांश रूप से गरीब और सीमित भूमि वाले परिवार हैं। सरकार ऐसे परिवारों के घरों को सील कर उन्हें बेघर करने का कार्य कर रही है, जिसका हिमाचल किसान सभा कड़ा विरोध करती है।
देवकी नंद ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार किसानों का पक्ष अदालत में मजबूती से नहीं रख पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सरकार ने इस कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई, तो किसान सभा आंदोलन को और अधिक मजबूत करेगी।
किसान सभा की प्रमुख मांगें:
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गरीब और लघु किसानों की ज़मीन से बेदखली और मकानों की तालाबंदी पर तुरंत रोक लगाई जाए।
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केंद्र सरकार वन संरक्षण अधिनियम 1980 (FCA) में संशोधन कर राज्य सरकार को वन भूमि कृषि उपयोग हेतु बांटने का अधिकार दे।
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गरीब किसानों के कब्जे वाली 5 बीघा तक की ज़मीन को नियमित किया जाए।
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पूरे प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम 2006 (FRA) को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
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उच्च न्यायालय के बेदखली आदेशों पर रोक के लिए राज्य सरकार तत्काल कदम उठाए।
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गरीब परिवारों को शहरी क्षेत्रों में 2 बिस्वा और ग्रामीण क्षेत्रों में 3 बिस्वा भूमि घर निर्माण के लिए दी जाए।
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प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत राशि और बदले में ज़मीन तत्काल प्रदान की जाए।
बैठक में दुर्गा नंद, बेगू राम, शिव राम, शेर सिंह, हीरा सिंह, लीला देवी, प्रभु, मीना देवी, कांता देवी, त्रिलोक, प्रेमा देवी सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
