एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
जिला शिमला के जुब्बल उपमंडल में बिजली लाइन की दुरुस्ती के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 27 वर्षीय हिमांशु चौहान निवासी परौंठी, जुब्बल के रूप में हुई है, जो बिजली बोर्ड में आउटसोर्स स्टाफ के तौर पर सेवाएं दे रहा था।
सूत्रों के अनुसार, वीरवार शाम आईटीआई गेट के पास वह नियमित लाइन सुधार कार्य में जुटा हुआ था। काम पूरा होते ही जैसे ही बिजली आपूर्ति पुनः चालू की गई, हिमांशु अचानक तेज करंट की चपेट में आ गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और परिस्थितियों का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सप्लाई बहाल होते ही लाइन में अचानक करंट प्रवाहित हो गया, जिसके संपर्क में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।
विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता कर्ण की शिकायत के आधार पर थाना जुब्बल में मामला दर्ज किया गया है। वहीं, डीएसपी रोहड़ू प्रणव चौहान ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच जारी है।
यूनियन ने हिमांशु की मौत पर जताया दुख
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड एम्प्लॉयज़ यूनियन के महासचिव प्रशांत शर्मा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि स्व. हिमांशु पिछले सात वर्षों से आउटसोर्स आधार पर मेंटेनेंस कार्य कर रहे थे और ड्यूटी के दौरान हुई इस दुखद घटना से बोर्ड परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों के लिए मिलने वाला मुआवज़ा अत्यंत कम है, जिसे बढ़ाया जाना जरूरी है। यूनियन लंबे समय से मांग कर रही है कि शहीद कर्मियों के परिवारों को अधिक मुआवज़ा और एक सदस्य को रोजगार मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित आउटसोर्स पॉलिसी में हो रही देरी पर भी रोष जताया और शीघ्र लागू करने की मांग की।
