एआरबी टाइम्स ब्यूरो | हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में थाना भोरंज के तहत 23 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मायका पक्ष ने मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में जमकर हंगामा किया और ससुराल पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। मायका पक्ष ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मृतका की पहचान शिवानी (रीतू) पत्नी वीरेंद्र, निवासी चंबोह के रूप में हुई है। बताया गया है कि शिवानी की शादी करीब एक वर्ष पहले ही हुई थी। शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे भोरंज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज हमीरपुर रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि महिला की मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। घटना की सूचना मिलते ही मायका और ससुराल पक्ष के लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मायका पक्ष का आरोप है कि कुछ समय बाद ससुराल पक्ष के लोग मौके से चले गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
गुस्साए मायका पक्ष के लोगों ने एनएच किया जाम
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। देर शाम मायका पक्ष के लोग शव गृह के समीप इकट्ठा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-103 को भी जाम कर दिया। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक ससुराल पक्ष के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव नहीं लेंगे। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि पढ़ाई और घरेलू खर्चों को लेकर ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। साथ ही पति के फोन पर धमकियां दिए जाने से शिवानी अत्यधिक तनाव में थी।
एसपी हमीरपुर बलवीर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने पति, सास, ससुर और देवर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।