एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
Himachal Pradesh में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया वीरवार से शुरू हो रही है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 7, 8 और 11 मई को अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पंचायत प्रधान और पंचायत सदस्य के उम्मीदवार पंचायत कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) के पास नामांकन दाखिल करेंगे। वहीं पंचायत समिति के उम्मीदवार तहसीलदार कार्यालय में तहसीलदार के समक्ष और जिला परिषद सदस्य एसडीएम कार्यालय में एसडीएम के पास नामांकन जमा करेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच यानी स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार 14 और 15 मई को अपने नाम वापस ले सकेंगे। 15 मई को ही चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा, जिसके बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। मतदान तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को कराया जाएगा। चरणबद्ध मतदान को देखते हुए प्रशासनिक अमले, पुलिस बल और चुनाव कर्मियों की तैनाती की योजना तैयार की जा रही है।
नामांकन के लिए जरूरी दस्तावेज
पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। इसके अलावा पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC), निर्वाचन आयोग की ओर से जारी शपथ पत्र, पहचान पत्र की फोटो कॉपी और विभिन्न नियमों के तहत जमा जुर्माने की रसीदें भी आवश्यक होंगी। उम्मीदवारों को यह भी प्रमाणित करना होगा कि वे बिजली, सिंचाई और बैंक के डिफॉल्टर नहीं हैं। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड सहित संबंधित पांच समितियों के एनओसी भी जमा करने होंगे। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पद के उम्मीदवारों को बीडीओ कार्यालय से कैरेक्टर सत्यापन करवाना अनिवार्य रहेगा।
कौन लड़ सकेगा पंचायत चुनाव?
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, Indo-Tibetan Border Police (आईटीबीपी) कर्मी, पूर्व सैनिक, निजी सिक्योरिटी गार्ड, गृह रक्षक, प्रिंटिंग प्रेस कर्मी, डिपो होल्डर, आईटीआई कर्मचारी और सरकारी निगमों में कार्यरत कुछ कर्मचारी पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे।
किन लोगों को नहीं मिलेगी अनुमति?
सरकारी नौकरी कर रहे व्यक्ति, एसएमसी कर्मचारी, आंगनबाड़ी सहायिका, मिड-डे मील वर्कर, पंचायत चौकीदार, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, सहकारी समितियों के सेल्समैन और कृषि विभाग के कर्मचारी पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसके अलावा जिन लोगों पर किसी प्रकार का जुर्माना बकाया है, उन्हें भी चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिलेगी। आचार संहिता लागू होने के बाद भी यदि बकाया राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित व्यक्ति को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा।
