एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना से प्रभावित 129 विस्थापित परिवारों को रोजगार के एवज में पांच-पांच लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पात्र परिवारों को 31 मई तक अपने विकल्प प्रस्तुत करने होंगे। निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परियोजना से प्रभावित शिमला और कुल्लू जिला के परिवारों को प्रशासन ने एकमुश्त राशि अथवा वार्षिकी (एन्युटी) का विकल्प चुनने के लिए आवेदन करने का आह्वान किया है। नियमानुसार इन विस्थापितों को परियोजना में स्थायी रोजगार दिया जाना था, लेकिन रोजगार उपलब्ध न होने के कारण अब उन्हें वैकल्पिक मुआवजा दिया जा रहा है।
एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 की अनुसूची-।। के प्रावधानों के तहत पात्र परिवारों को पूर्व में दिए गए विकल्प को बदलने का अंतिम अवसर प्रदान किया गया है।
👉 इसलिए चुन सकते हैं विकल्प
योजना के तहत कई विस्थापित परिवारों ने पहले रोजगार का विकल्प चुना था, लेकिन वर्तमान में वे परियोजना में किसी भी प्रकार के रोजगार में कार्यरत नहीं हैं। ऐसे में वे अब अनुसूची-।। के बिंदु 4 (ख) के तहत 5,00,000 रुपये की एकमुश्त राशि या बिंदु 4 (ग) के तहत वार्षिकी का विकल्प चुन सकते हैं।
इसके अलावा, जिन परिवारों ने अब तक अनुसूची-।। के बिंदु 4 (क), (ख) या (ग) के अंतर्गत कोई विकल्प नहीं चुना है, उन्हें भी अब अपना विकल्प तय करने का अवसर दिया गया है।
एसडीएम रामपुर ने सभी पात्र परिवारों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपना विकल्प निर्धारित कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
