एआरबी टाइम्स ब्यूरो | मंडी
Sardar Patel University Mandi के दूसरे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल Kavinder Gupta ने छात्रों को ‘विकसित भारत 2047’ का निर्माता बनने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। मंडी में आयोजित इस समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और जिम्मेदारी का उत्सव है। उन्होंने छात्रों से व्यक्तिगत सफलता से आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के 575 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 40 विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने भारत के लौह पुरुष Sardar Vallabhbhai Patel को याद करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता आज भी उतनी ही जरूरी है जितनी स्वतंत्रता के समय थी। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित करने की सराहना की और इसे राष्ट्रीय दृष्टि का प्रतीक बताया। उन्होंने छात्रों से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सपने को आगे बढ़ाने और समाज में एकता, गौरव तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
SPU मंडी की उपलब्धियों की सराहना
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के चरणबद्ध क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की स्थापना और पारंपरिक भारतीय पोशाक में प्रथम दीक्षांत समारोह आयोजित करने जैसे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने कम समय में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने मंडी के 500 वर्षों के इतिहास पर आधारित शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी सराहा और कहा कि यह प्रयास प्रदेश की संस्कृति और विरासत के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
युवाओं से नशामुक्त और जिम्मेदार जीवन अपनाने की अपील
राज्यपाल ने कहा कि आज केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवाचार, नैतिकता और दयालुता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छात्रों से समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करने, नशामुक्त जीवन अपनाने, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने ‘दीक्षांत’ और ‘शिक्षांत’ के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है।
विश्वविद्यालय के कुलपति Professor Lalit Kumar Awasthi ने बताया कि 2022 में स्थापना के बाद विश्वविद्यालय ने 23 लाख रुपये की अनुसंधान परियोजनाएं हासिल की हैं। इसके अलावा 60 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए गए हैं और दो पेटेंट स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ 22 एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इस अवसर पर विधायक Chander Shekhar, उपायुक्त मंडी Apoorv Devgan, पुलिस अधीक्षक Vinod Kumar सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
