कुरनूल (आंध्र प्रदेश)। राजस्थान के बाद अब आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में भीषण सड़क हादसा सामने आया है। हैदराबाद-बेंगलूरू हाईवे पर शुक्रवार तड़के एक निजी बस आग का गोला बन गई, जिसमें 20 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे में कई लोग झुलस गए हैं, जबकि कुछ ने कूदकर अपनी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, बेंगलूरू से हैदराबाद जा रही इस निजी बस की चिन्नाटेकुर के पास एक दोपहिया वाहन से टक्कर हो गई। टक्कर के कुछ ही सेकंड बाद बस में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। उस समय बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे। कुछ यात्रियों ने किसी तरह खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कई लोग अंदर ही फंस गए। हादसे के दौरान बस का मुख्य दरवाजा शॉर्ट सर्किट के कारण जाम हो गया, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके।
कुरनूल पुलिस के मुताबिक, बस में लगी आग को बुझाने में काफी वक्त लग गया। जब तक दमकल दल मौके पर पहुंचा, तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस ने बताया कि हादसे में अब तक 20 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है। बाकी की पहचान प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि हादसे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट और टक्कर के बाद लगी चिंगारी को आग लगने का कारण माना जा रहा है।
10 दिन पहले राजस्थान में भी हुआ था ऐसा ही हादसा
यह हादसा तब हुआ है जब करीब 10 दिन पहले राजस्थान के जैसलमेर में भी इसी तरह का दर्दनाक बस हादसा हुआ था। 14 अक्टूबर को जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर एक एसी स्लीपर बस में आग लगने से 22 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। वहां भी बस का गेट लॉक हो गया था, जिससे यात्री बाहर नहीं निकल पाए थे।
फिर उठा सवाल: बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
दोनों हादसों ने बसों की सुरक्षा व्यवस्था और इमरजेंसी एग्जिट सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों और परिवहन विशेषज्ञों ने मांग की है कि सरकार निजी बस ऑपरेटरों पर सख्त निगरानी रखे और वाहनों की तकनीकी जांच अनिवार्य करे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके।
