एआरबी टाइम्स ब्यूरो | बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र मेले 19 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कई अहम आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी राहुल कुमार ने टोबा से नैना देवी मंदिर तक भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेशों के अनुसार मेले के दौरान इस मार्ग पर केवल बसों और छोटे यात्री वाहनों (टैक्सियों) को ही आने-जाने की अनुमति होगी। जबकि ट्रक, केंटर, ट्रैक्टर, टेंपो और अन्य भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा यदि कोई ट्रक, टेंपो या ट्रैक्टर सवारियों से भरा हुआ पाया जाता है, तो उसे हिमाचल प्रदेश की सीमा जैसे गरामोड़ा और ग्वालथाई (भाखड़ा) से आगे मंदिर की ओर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं को इन स्थानों से बस या टैक्सी के माध्यम से ही मंदिर तक पहुंचना होगा।प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इन आदेशों का पालन करें ताकि मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
मेले के दौरान हथियार लेकर चलने पर भी रोक
जिला दंडाधिकारी के आदेश के अनुसार 19 मार्च से 28 मार्च तक पुलिस थाना कोट कहलूर क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र, गोला-बारूद, दूर से मार करने वाले हथियार और तेजधार हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश आम नागरिकों पर लागू होगा, जबकि पुलिस और सुरक्षा बलों को इससे छूट दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर परिसर में लाउडस्पीकर और बैंड-बाजों पर भी रोक
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार मेला अवधि के दौरान मंदिर परिसर में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी प्रकार की सार्वजनिक घोषणा करनी आवश्यक हुई, तो वह केवल कंट्रोल रूम के माध्यम से ही प्रसारित की जाएगी। इसके अलावा मंदिर परिसर में प्रसाद चढ़ाने पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
