एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
गीता आश्रम, रामशिला में आयोजित 35वें गीता जयंती समारोह के दौरान वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। ला मॉन्टेसरी स्कूल, ढालपुर की रिधिमा ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ट्रिनिटी स्कूल, मोहल के भुवनेश ने चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। दोनों विजेताओं को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह तथा क्रमशः ₹3,100 और ₹2,001 की नकद राशि प्रदान की गई।
सरस्वती विद्या मंदिर, बाशिंग की संस्कृति द्वितीय रही और उसे ₹2,100 का पुरस्कार मिला, जबकि भारत भारती स्कूल, ढालपुर की इशिता तृतीय रही जिसे ₹1,100 प्रदान किए गए। वाद-विवाद प्रतियोगिता में घाटी के 26 विद्यालयों से 42 प्रतिभागियों ने भाग लिया।चित्रकला प्रतियोगिता में पीएम श्री जीएसएसएस, सुल्तानपुर की परविना द्वितीय और कुल्लू वैली स्कूल, अखाड़ा की सन्विका तृतीय रहीं। इन्हें क्रमशः ₹1,501 और ₹1,001 प्रदान किए गए। इस प्रतियोगिता में कुल 39 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
जीएसएसएस, ढालपुर के विशाल शर्मा और ब्यास संस्कृत महाविद्यालय, सुल्तानपुर की साक्षी को वाद-विवाद में ₹500 के सांत्वना पुरस्कार मिले, जबकि देव भूमि स्कूल, कुल्लू की सिमरन को चित्रकला प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। दोनों प्रतियोगिताओं के सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दयानंद गौतम ने वाद-विवाद प्रतियोगिता की थीम की सराहना की, जिसमें प्रतिभागियों ने भगवद्गीता के अठारह अध्यायों के श्लोकों की व्याख्या एवं आधुनिक जीवन में उनकी प्रासंगिकता प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ न केवल वाक्-कला को निखारती हैं, बल्कि संस्कृति और विरासत के ज्ञान को भी समृद्ध करती हैं। गीता तपोभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष अमन सिंह सूद ने छात्रों की उत्साही भागीदारी की प्रशंसा की और कहा कि बच्चों ने श्रीकृष्ण–अर्जुन संवाद पर सुंदर चित्र बनाए। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष इस आयोजन को और भव्य रूप दिया जाएगा।
गीता आश्रम के अनुयायी देवेश मिश्रा ने बताया कि यह वार्षिक उत्सव सद्गुरुदेव स्वामी गीतानंद “भिक्षु” के आशीर्वाद से ब्रह्मलीन स्वामी आराधना “भिक्षु” की पावन स्मृति में आयोजित किया जाता है। इस वर्ष के आयोजन की प्रेरणा स्वामी मुक्तानंद “भिक्षु” और स्वामी किरण “भिक्षु” से प्राप्त हुई।
