कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी के डढेई गांव में बीती रात करीब एक बजे भीषण आग लग गई। आग की लपटों ने दो रिहायशी मकान, एक गोशाला और देवता के प्राचीन भंडार को पूरी तरह जला दिया। घटना के समय गांव में अफरातफरी का माहौल रहा, लेकिन मकानों में मौजूद परिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, जले हुए भंडार में क्षेत्र की आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक वस्तुएं रखी थीं। यह भंडार सदियों से स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। वहीं, सराय और गोशाला भी आग की भेंट चढ़ गई, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने दमकल विभाग को सूचित किया। मौके पर दो दमकल वाहन पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तीन से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक भंडार, सराय और मकान पूरी तरह जल चुके थे। सुबह तक धुएं के गुब्बारे और आग की कुछ लपटें दिखाई दे रही थीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में 1 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों और स्थानीय समुदाय के लिए राहत और सहायता मुहैया कराने की बात कही है।
