एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि राज्य में पंचायत चुनाव रद्द नहीं बल्कि स्थगित (Postpone) किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश आपदा की गंभीर स्थिति से जूझ रहा है, और इस समय प्राथमिकता राहत एवं पुनर्वास कार्यों को दी जा रही है। सीएम सुक्खू ने कहा कि अगर प्रशासन पंचायत चुनावों में व्यस्त हो जाएगा, तो आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने का कार्य बाधित होगा उन्होंने कहा कि हमारा पहला कर्तव्य प्रभावित परिवारों को बसाना है। जिनके घर टूट गए, पशु बह गए, या जमीनें क्षतिग्रस्त हुईं, उन्हें राहत देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस बार की तबाही 2023 से भी ज्यादा गंभीर है, और कई पंचायतों में सड़कें व बुनियादी ढांचा अभी तक बहाल नहीं हो पाया है।
जैसे ही सड़कें ठीक होंगी, चुनाव कराए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजास्टर एक्ट पूरे प्रदेश में लागू है और सभी जिला उपायुक्तों से बातचीत के बाद चुनाव स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव अवश्य कराए जाएंगे, लेकिन पहले सड़कें और हालात सामान्य होंगे। जैसे ही सड़कें ठीक होंगी, चुनाव कराए जाएंगे। पंचायत चुनाव 23 जनवरी तक करवाने हैं। सीएम सुक्खू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी हर बात को तूल देने की आदी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा खुद पांच गुटों में बंटी हुई है। प्रदेश में जयराम ठाकुर, अनुराग ठाकुर, रमेश धवाला, हर्ष महाजन और राजीव बिंदल के अलग-अलग गुट सक्रिय हैं।
जयराम बोले- कांग्रेस चुनाव से भाग रही है
दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार हार के डर से चुनाव से भाग रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पंचायत चुनाव न करवाकर लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
पंचायती राज चुनाव रोकने का फैसला जनविरोधी : बिंदल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंचायती राज चुनाव स्थगित कर जन विरोधी फैसला लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपनी हार का डर है, इसलिए चुनाव टालकर लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व को रोक दिया गया। बिंदल ने कहा कि पहले डीसी की चिट्ठी और फिर आपदा की नोटिफिकेशन जारी कर सरकार ने चुनाव न करवाने की साजिश रची है।
