एआरबी टाइम्स ब्यूरो | सोलन
Solan RLA Scam में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में आरएलए सोलन में तैनात क्लर्क जितेंद्र ठाकुर और पांच एजेंट शामिल हैं। अब पुलिस को मुख्य आरोपी गौरव की तलाश है। पुलिस के मुताबिक, बिलासपुर के झंडूता आरएलए में तैनात गौरव ने सोलन आरएलए के क्लर्क जितेंद्र के साथ मिलकर फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए यूजर फर्जी आईडी तैयार की थी। इतना ही नहीं, उसने वाहन मालिकों से उगाही के लिए एजेंट भी तैयार किए थे।
जांच में गौरव के खाते में करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन की बात सामने आई है। जनवरी में सामने आए इस फर्जीवाड़े की जांच के लिए सोलन पुलिस ने एसआईटी गठित की है, जिसने लंबी तहकीकात के बाद अब कार्रवाई शुरू कर दी है। आने वाले समय में इस मामले में और लोगों के स्कैम में शामिल होने के बारे में बड़े खुलासे की उम्मीद है।
फर्जी यूजर आईडी से किया गया पूरा खेल
Solan RLA Scam की जांच में खुलासा हुआ कि क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की असली आईडी के साथ-साथ उसके नाम से मिलती-जुलती फर्जी आईडी बनाई गईं।इतना ही नहीं, एसडीएम डॉ. पूनम बंसल के नाम पर भी फर्जी यूजर आईडी तैयार कर वाहन पंजीकरण और अप्रूवल प्रक्रियाओं को अवैध तरीके से पूरा किया गया। तकनीकी जांच में आईपी लॉग्स, ओटीपी रिकॉर्ड और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से पूरे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
एजेंट नेटवर्क के जरिए करोड़ों का लेनदेन
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी गौरव ने एडमिन क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग कर वाहन पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश किया। इसके बाद दस्तावेजों में हेरफेर कर एक संगठित नेटवर्क के जरिए काम किया गया। इस नेटवर्क में राजकुमार, विकास सिंह, जितेंद्र और अनिल जैसे एजेंट शामिल थे। जांच में सामने आया कि इस रैकेट के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ।
वाहनों के दस्तावेजों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी
फर्जीवाड़े के तहत कई गंभीर अनियमितताएं की गईं, जिनमें शामिल हैं:
- वाहनों का वजन बढ़ाना
- ऑनर सीरियल नंबर में बदलाव
- बैंक का नाम हटाना
- बिना प्रक्रिया के पंजीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण
👥 इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने 3 अप्रैल को 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें शामिल हैं:
- जितेंद्र ठाकुर (सोलन)
- अनिल कुमार (बिलासपुर)
- नरेश कुमार (बिलासपुर)
- राजकुमार (ऊना)
- जितेंद्र कुमार (मंडी)
- विकास सिंह (कांगड़ा)
