एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च से पुनः आरंभ होगा। विधानसभा सचिवालय की ओर से मंगलवार देर शाम इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने जानकारी दी कि 21 मार्च को मुख्यमंत्री वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि 18 और 20 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इसके बाद 23 से 28 मार्च तक बजट पर सामान्य चर्चा और कट मोशन प्रस्ताव लिए जाएंगे। 30 मार्च को सदन में बजट पारित किया जाएगा, जबकि पूरा सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा। सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
चौथा बजट, सामने वित्तीय चुनौतियां
उधर, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह मुख्यमंत्री का चौथा बजट होगा। इस बार सरकार को विशेष वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने से राज्य को लगभग 15 प्रतिशत तक के वित्तीय अंतर का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बजट आकार में कटौती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नरेश चौहान ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत विशेष श्रेणी के राज्यों को वित्तीय सहायता का प्रावधान था। लेकिन 16वें वित्त आयोग द्वारा इसका उल्लेख नहीं किए जाने से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 10,000 करोड़ रुपये की संभावित सहायता से वंचित होना पड़ सकता है। पांच वर्षों में यह राशि 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसका असर विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर पड़ने की आशंका है। आरडीजी बंद होने का सीधा प्रभाव प्रदेश के करीब 75 लाख लोगों पर पड़ सकता है।
खाड़ी देशों में रह रहे हिमाचलियों की सुरक्षा पर नजर
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव को देखते हुए राज्य सरकार सतर्क है। जानकारी के अनुसार, खाड़ी देशों में लगभग 40 से 42 हजार हिमाचली नागरिक रह रहे हैं। सरकार हेल्पलाइन नंबर जारी करने और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क तंत्र स्थापित करने की तैयारी कर रही है। राज्यसभा चुनाव को लेकर पूछे गए प्रश्न पर नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान संख्या बल कांग्रेस के पक्ष में है और उम्मीदवार का चयन पार्टी हाईकमान द्वारा किया जाएगा।
