एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने सोमवार को प्रदेश के पांच शहरी निकायों में वार्डों की वार्डबंदी (परिसीमन) का शेड्यूल जारी किया है। आयोग के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और संवैधानिक मानकों के अनुरूप संचालित की जाएगी।
शहरी विकास विभाग की ओर से हाल ही में प्रदेश में पांच नए शहरी निकायों का गठन और कुछ क्षेत्रों का विस्तारीकरण किया गया है। इसी क्रम में बिलासपुर जिले में नगर पंचायत झंडूता और नगर पंचायत स्वारघाट, हमीरपुर में नगर परिषद नादौन, सिरमौर में नगर पंचायत संगड़ाह और ऊना में नगर पंचायत बंगाणा में वार्डों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। इन निकायों में जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति के आधार पर वार्ड सीमाएं तय होंगी, ताकि आगामी चुनाव निष्पक्ष और संतुलित ढंग से कराए जा सकें।
आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार आज परिसीमन का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद आम नागरिकों को सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। लोग 10 मार्च तक लिखित रूप में अपनी आपत्तियां और सुझाव संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राप्त आपत्तियों का निपटारा संबंधित उपायुक्त (डीसी) स्तर पर किया जाएगा, जिसके लिए 13 मार्च तक की समयसीमा तय की गई है। यदि किसी पक्ष को डीसी के निर्णय से असंतोष रहता है, तो वह सात दिनों के भीतर मंडलीय आयुक्त के समक्ष अपील कर सकेगा। मंडलीय आयुक्त को 24 मार्च तक सभी अपीलों का निपटारा करना होगा। इसके बाद 25 मार्च तक परिसीमन का अंतिम ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा और 30 मार्च तक इसे आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रदेश के 74 नगर निकायों में 31 मई से पहले चुनाव कराए जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए परिसीमन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि चुनाव कार्यक्रम में कोई बाधा न आए। आयोग ने एक अन्य आदेश में स्पष्ट किया है कि कांगड़ा जिले की नगर परिषद ज्वालामुखी और नगर परिषद नगरोटा सूरियां, सोलन जिले का नगर निगम बद्दी व नगर पंचायत कुनिहार और हमीरपुर जिले की नगर पंचायत बड़सर में सरकार की ओर से कोई नया क्षेत्र शामिल नहीं किया गया है। इसलिए इन निकायों में वार्ड परिसीमन नहीं होगा।
