एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में HP Panchayat Election 2026 को लेकर पंचायतीराज विभाग ने आरक्षण रोस्टर से जुड़े नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस नई अधिसूचना का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और व्यावहारिक बनाना है। नई गाइडलाइन के अनुसार पंचायतों में आरक्षण की गणना वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर की जाएगी। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 1993-94 के सर्वेक्षण आंकड़े लागू रहेंगे।
सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के कुल पदों में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी हैं। इससे पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी को मजबूती मिलेगी। आरक्षण रोस्टर तय करते समय पहले अनुसूचित जाति (SC) और उसके बाद अनुसूचित जनजाति (ST) को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।
5% से कम आबादी पर नहीं मिलेगा आरक्षण, OBC को अधिकतम 15%
यदि किसी पंचायत या वार्ड में किसी वर्ग की आबादी 5 प्रतिशत से कम है, तो उस क्षेत्र में उस वर्ग को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर OBC वर्ग को उनकी जनसंख्या के आधार पर अधिकतम 15 प्रतिशत तक आरक्षण मिलेगा अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत अध्यक्षों के सभी पद अनिवार्य रूप से ST वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे, जिससे जनजातीय समुदाय का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।
DC को रोस्टर में संशोधन का अधिकार
नई अधिसूचना के तहत जिला उपायुक्त (DC) को विशेष परिस्थितियों में रोस्टर में अधिकतम 5 प्रतिशत तक संशोधन करने का अधिकार दिया गया है। यह निर्णय भौगोलिक और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट के फैसले के बाद आरक्षण रोस्टर की स्थिति और स्पष्ट होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार को 31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर जारी करना अनिवार्य था, ताकि चुनाव प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सके।
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