एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल किसान सभा की लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी ने आज लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट से प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर बिथल में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कमेटी की अध्यक्षा कृष्णा राणा ने किया। इस दौरान किसान सभा जिला अध्यक्ष प्रेम चौहान सहित पूर्ण ठाकुर, रणजीत और काकू कश्यप ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
नेताओं ने सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) पर किसानों की मांगों की लगातार अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिथल में आर एंड आर की बैठक तो हो रही है, लेकिन इन बैठकों में किसानों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर कोई ठोस चर्चा नहीं की जाती, केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि बरकेली गांव के 28 परिवारों को वर्ष 2021-22 के प्रदूषण मुआवजे का भुगतान अब तक नहीं किया गया है, जबकि समझौते के अनुसार सतलुज जल विद्युत निगम ने जुलाई माह तक मुआवजा देने का आश्वासन दिया था। इसके अलावा परियोजना के लिए भूमि देने वाले 128 परिवार ऐसे हैं जिन्हें न तो एकमुश्त मुआवजा राशि मिली है और न ही रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि निथर उपतहसील की फाटी निथर, कोयल और बायल सहित ग्राम पंचायत शमाथला, भूटी, देलठ और निरथ में प्रदूषण सर्वे पूरा होने के बावजूद मुआवजा अब तक नहीं दिया गया है। ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का सर्वे ग्राम पंचायत निथर, करांगला, बढ़ाच और भुट्टी में किया जा चुका है, लेकिन मुआवजे का इंतजार अभी भी बना हुआ है। वहीं ग्राम पंचायत दुराह में तो अब तक सर्वे भी नहीं कराया गया है। किसान नेताओं ने इसे सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम की किसान विरोधी नीति करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 6 मार्च से लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट का कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
इस प्रदर्शन में हरदयाल कपूर, अशोक, रघुवीर, नरेश चौहान, अंकुश, वीरेंद्र, कमलेश, भगवान दास, जय चंद विमल, चंपा रोच और मान दास सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।
