एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
हिमाचल किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी की बैठक भद्राश में आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित किसानों की लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और 19 जनवरी 2026 को शिमला सचिवालय के बाहर प्रस्तावित प्रदर्शन की रणनीति तय की गई। बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंहा और लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद ने कहा कि इस परियोजना से प्रभावित पंचायतों के किसानों को जिन लाभों और आश्वासनों की उम्मीद थी, उन पर यह परियोजना खरी नहीं उतर पाई है। इसके लिए प्रदेश सरकार, प्रशासन और एसजेवीएन जिम्मेदार हैं।

उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए भूमि देने वाले परिवारों में से अब भी 128 परिवार ऐसे हैं जिन्हें न तो एकमुश्त मुआवजा राशि मिली है और न ही रोजगार। इसके अलावा, धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा केवल देलठ, नीरथ और फाटी निथर पंचायतों में वर्ष 2021-22 तक ही दिया गया है, जबकि शेष पंचायतों में अब तक भुगतान नहीं हुआ है। ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों के मुआवजे को लेकर भी गंभीर लापरवाही बरती गई है।
नेताओं ने कहा कि अब तक यह मुआवजा केवल देलठ, शामथला और नीरथ पंचायतों में ही दिया गया है। किसान सभा नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याएं कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष रखी जा चुकी हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 6 मार्च 2026 से लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। बैठक में कृष्णा राणा, प्रेम चौहान, रणजीत, हरदयाल, हरीश कपूर, कमलेश, चंपा, हीरा देवी, रेखा, अशोक, काकू कश्यप, जोगिंदर, कृष्ण, चमन, देवेंद्र, ऋषि, नरेश, वीरेंद्र, सीमा, अंकुश, जन्मेश, संदेश, प्रकाश, शमशाद, वीर सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान मौजूद रहे।
