एआरबी टाइम्स ब्यूरो | मंडी
जिला मंडी में आयोजित किसान मेले में प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को लेकर किसानों को जागरूक किया गया। विपाशा सदन में आयोजित इस जिला स्तरीय किसान मेले की अध्यक्षता एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। कृषि विभाग मंडी की ओर से ‘आत्मा परियोजना’ के तहत आयोजित इस मेले में विभिन्न विकास खंडों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।

गुलेरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत बजट में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। गाय के दूध का समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है। इसके अलावा, प्राकृतिक खेती से उगाए गए अदरक का समर्थन मूल्य 30 प्रति किलो और हल्दी का मूल्य 150 रुपये प्रति किलो किया है। गेहूं-मक्की के समर्थन मूल्य में भी वृद्धि की गई है।
अब कृषि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार से सीधा जुड़ाव किसानों की आय बढ़ाने का प्रमुख माध्यम बन गया है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक विपणन तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई।
मेले में एचपीएमसी के निदेशक जोगिंदर गुलेरिया, डॉ. प्राची, डॉ. राकेश पटियाल, डॉ. विकास कुमार, डॉ. रवि शर्मा और डॉ. वाम देव शर्मा सहित कई विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती और मिलेट्स के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों को मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, प्रमाणन और आधुनिक मार्केटिंग तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई और बीज भी वितरित किए गए।
