एआरबी टाइम्स ब्यूरो | मोहाली
मोहाली में वर्ष 2021 में हुए चर्चित हत्याकांड मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 4 साल 3 महीने 8 दिन चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों में पंकज शर्मा निवासी बेला, थाना नादौन, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश और दलजीत कौर (निवासी कपूरथला) शामिल हैं। अदालत ने दोनों को IPC की धारा 302, 364, 201 और 120-बी के तहत सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई कर रहे जज हरदीप सिंह ने कहा कि यह पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई हत्या है। हालांकि, अदालत ने इसे “रेयर ऑफ रेयर” श्रेणी में नहीं माना और मृत्युदंड की बजाय आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों आरोपियों पर कुल 2.80 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। ये पैसे पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे
13 फरवरी 2021 को दर्ज हुई थी FIR
यह मामला 13 फरवरी 2021 का है, जब मटौर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि 10-11 फरवरी 2021 की रात आरोपियों ने सुनील कुमार को बस्सी पठाना स्थित दलजीत कौर के घर बुलाया। वहां सुनील को शराब पिलाकर बेहोश किया गया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को भाखड़ा नहर में फेंक दिया गया और उसकी कार को कजौली ब्रिज के पास छोड़ दिया गया।
नहर से मिला शव, हाथ बंधे और मुंह पर टेप
सुनील कुमार का शव नहर से बरामद हुआ था। शव के हाथ बंधे हुए थे और मुंह पर टेप व रूमाल लिपटा हुआ था। मामले में निम्न साक्ष्य अहम साबित हुए। इनमें एक गवाह ने आरोपियों को सुनील की कार के पास देखा था। सुनील की ओर से लिखी गई माफी की चिट्ठी, जो दलजीत की एक्टिवा से बरामद हुई, चिट्ठी में ब्लैकमेलिंग का जिक्र और CDR रिकॉर्ड में तीनों की लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई।
पुलिस के अनुसार यह थी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक सुनील कुमार कन्फेक्शनरी और किराना की दुकान चलाते थे। आरोपी पंकज और दलजीत मार्केटिंग का काम करते थे और सुनील को सामान सप्लाई करते थे। काम के दौरान पंकज और दलजीत के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। सुनील को इस संबंध की जानकारी थी। आरोप है कि सुनील के पास कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिनके जरिए वह आरोपियों को ब्लैकमेल कर रहा था। इसके अलावा पैसों का भी विवाद था। इसी से छुटकारा पाने के लिए हत्या की साजिश रची गई।
