एआरबी टाइम्स ब्यूरो | बिलासपुर
जिला बिलासपुर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक 137 वर्ष पुराने राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले का शुभारम्भ आज नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने पारंपरिक रूप से खूंटी गाड़ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने लक्ष्मी नारायण मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा की अगुवाई की। शोभायात्रा में लोक वाद्य कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने पारंपरिक संस्कृति की झलक पेश की। इसके बाद लुहणू मैदान में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनियों का उद्घाटन भी किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश धर्माणी ने कहलूरी बोली में कहा कि नलवाड़ी मेला बिलासपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, जिसकी पहचान पूरे देश में है। उन्होंने बताया कि इस मेले का इतिहास करीब 137 वर्ष पुराना है और इसकी शुरुआत वर्ष 1889 में सांडू मैदान से हुई थी, जो अब लुहणू मैदान में आयोजित होता है। उन्होंने कहा कि यह मेला पहले पशुधन खरीद-फरोख्त और ग्रामीण उत्पादों के व्यापार का प्रमुख केंद्र था, लेकिन समय के साथ यह सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का बड़ा मंच बन गया है। मंत्री ने जानकारी दी कि पारंपरिक शिल्प और कौशल को बढ़ावा देने के लिए घुमारवीं में कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को पारंपरिक कलाओं से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने गोविंद सागर झील में जलक्रीड़ा गतिविधियों को बढ़ावा देने और अक्टूबर 2025 में आयोजित “जल तरंग जोश महोत्सव” की सफलता का भी उल्लेख किया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए सरकार द्वारा दूध और कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किए गए हैं। साथ ही प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा गया है और स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि इस वर्ष मेले को और आकर्षक बनाने के लिए कई नए कार्यक्रम जोड़े गए हैं, जिनमें नाट्य उत्सव, 19 मार्च को साहित्य उत्सव, “वॉइस ऑफ बिलासपुर” प्रतियोगिता और “मिस बिलासपुर 2026” शामिल हैं। इसके अलावा 18 मार्च से शुरू होने वाले कहलूर उत्सव में स्थानीय कलाकार नाटी, लोक नृत्य और लोक संगीत की प्रस्तुतियां देंगे। शाम 6 बजे सतलुज महाआरती का आयोजन भी किया जाएगा।
मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त राहुल कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि नलवाड़ी मेला स्थानीय व्यापार, पर्यटन और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच है।
