एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी इरफान अली उर्फ शाहरुख को दोषी करार देते हुए 20 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, दोषी पर दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही अदालत ने पीड़िता को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब पीड़िता केवल 15 वर्ष की थी और 10वीं कक्षा में शिक्षा ग्रहण कर रही थी। उप-जिला न्यायवादी कमल चन्देल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोषी इरफान अली, जो शिमला जिले के तहसील रामपुर बुशहर के गांव दरशाल का निवासी है, पेशे से एक ट्रक ड्राइवर था। सेब के सीजन के दौरान काम के सिलसिले में उसका संपर्क पीड़िता से हुआ, जहां उसने चालाकी से उसका मोबाइल नंबर प्राप्त किया। दोषी ने 26 दिसंबर 2019 को पीड़िता को मिलने के बहाने बुलाया। सुरक्षा की दृष्टि से पीड़िता अपनी बहन और चचेरे भाई के साथ वहां पहुंची। आरोपी ने उन्हें अपने ट्रक में रुकने के लिए मजबूर किया और रात के अंधेरे में पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
अगली सुबह, आरोपी ने पीड़िता के भाई-बहन को कड़छम में उतार दिया और लड़की को लेकर रामपुर की ओर भाग गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और अंततः भावानगर के पास से पीड़िता को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए कुल 17 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को अदालत के समक्ष पेश किया। साक्ष्यों की पुष्टि होने पर न्यायालय ने आरोपी को आईपीसी की धारा 363, 366A, 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दंडित किया।
