एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रोहड़ू
विशेष सत्र न्यायालय रोहड़ू के न्यायाधीश अनिल शर्मा ने एक अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने 40 वर्षीय नरेन्द्र कुमार उर्फ नन्दु पुत्र राजेन्द्र सिंह, निवासी गांव व डाकघर हाटकोटी, तहसील जुब्बल, जिला शिमला तथा 33 वर्षीय अशोक कुमार पुत्र गोविन्द सिंह, निवासी गांव शेखल, डाकघर ढाडी घुन्सा, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला को दोषी पाया।
यह मामला पुलिस थाना रोहड़ू में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के अंतर्गत दर्ज किया गया था। अदालत ने दोनों आरोपियों को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सरकार की ओर से मामले की पैरवी उपजिला न्यायवादी सुचित्रा अग्रवाल ने की।
ऐसे हुआ था खुलासा
28 मई 2023 को डिटेक्शन सेल, उपमंडल रोहड़ू के अन्वेषण अधिकारी मुख्य आरक्षी कुलदीप डंठीयाण अपनी टीम — मुख्य आरक्षी विशाल नैन्टा व आरक्षी अनिल हल्टवान — के साथ गश्त पर थे। इस दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि हाटकोटी की ओर से एक गाड़ी (नंबर HR 70C 0465) आ रही है, जिसमें भारी मात्रा में चिट्टा (हेरोइन) होने की सूचना है। पुलिस टीम ने महेंदली के पास उक्त वाहन को रोका। वाहन में नरेन्द्र कुमार और अशोक कुमार सवार थे। उन्हें सूचना से अवगत कराते हुए नियमानुसार और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान वाहन के गियर बॉक्स के पास से 7.34 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। इसके बाद पुलिस थाना रोहड़ू में अभियोग संख्या 86/2023 दर्ज किया गया। मामले की जांच मुख्य आरक्षी कुलदीप सिंह और मुख्य आरक्षी निशकांत द्वारा पूरी की गई। जांच पूर्ण होने के बाद आरोप पत्र विशेष सत्र न्यायालय रोहड़ू में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
उपजिला न्यायवादी सुचित्रा अग्रवाल ने बताया कि उनकी टीम के सहयोग और अदालत में प्रभावी पैरवी के चलते अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा।
