एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की पहचान केवल भवनों से नहीं, बल्कि वहां दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की प्रतिभा को संवारने से होती है।
राज्यपाल आज शिमला जिला के उपमंडल रामपुर स्थित नोगली में सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षा महाविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन बीएड-एमएड संस्थान अब विधिवत रूप से महाविद्यालय बन चुका है, जिसमें बीए, बीकॉम और बीएससी की कक्षाएं नए शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ की जा रही हैं। इन पाठ्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ राज्यपाल द्वारा किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक और प्रशिक्षण का विशेष महत्व है, क्योंकि प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में शिक्षक का भाव विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए। एक अच्छा शिक्षक ही श्रेष्ठ विद्यार्थियों का निर्माण करता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ‘गुरु’ के स्थान पर केवल ‘टीचर’ की अवधारणा रह गई है, जबकि भारतीय परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त था।
उन्होंने कहा, “भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण ने भी गुरु-शिष्य परंपरा का पालन किया और गुरु के आदेशों का अनुसरण किया। गुरु समाज का मार्गदर्शक होता है, और यदि मन से गुरु को स्वीकार किया जाए तो जीवन में सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है।”
राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति हमें अपने महापुरुषों को स्मरण करने और विद्यार्थियों में संस्कार व नैतिक मूल्यों के विकास का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को बचाना है तो नशे को भगाना होगा।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार माना। उनका मानना था कि शिक्षक केवल विषय का ज्ञाता नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का शिल्पकार होता है। महाविद्यालय को उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए कार्य करना चाहिए।

सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. मुकेश शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं तथा गरीब विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सीमा भारद्वाज ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें रामायण पर आधारित नृत्य नाटिका ने सभी को भावुक कर दिया।

राज्यपाल ने डॉ. मुकेश कुमार एवं डॉ. सीमा भारद्वाज द्वारा लिखित पुस्तक “Assessment for Learning” का विमोचन किया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया।
इससे पूर्व स्थानीय किसानों ने राज्यपाल का फलों से तोल कर पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव श्री सी.पी. वर्मा, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
