एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
शिमला में एक व्यक्ति को अधिक मुनाफा कमाने का लालच इतना भारी पड़ा कि उसकी जेब से 38 लाख रुपये निकल गए। मामला सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश विज्ञापन से जुड़ा हुआ है, जिसमें बड़े रिटर्न का दावा किया गया था। शिमला के लक्कड़ बाजार निवासी युवक ने इस विज्ञापन पर भरोसा किया और बिना किसी विशेषज्ञ सलाह के भारी निवेश कर डाला।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर एक निवेश विज्ञापन देखा था जिसमें कम समय में बड़े मुनाफे का लालच दिया गया था। पीड़ित ने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर जाकर संबंधित एजेंट से संपर्क किया। शुरुआत में छोटे निवेश पर कुछ रकम वापस मिलने से उसने भरोसा कर लिया और धीरे-धीरे 38 लाख रुपये तक निवेश कर दिए। शिकायत के आधार पर सदर थाना शिमला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला साइबर ठगी का प्रतीत होता है। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिनमें मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और आईपी एड्रेस शामिल हैं।
हिमाचल में बढ़ रहे ऑनलाइन ठगी के मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी व्यक्ति ने लालच में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवाई हो। हिमाचल प्रदेश में पिछले एक वर्ष में ऐसे सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लोगों ने फर्जी वेबसाइटों और निवेश ऐप्स के झांसे में आकर लाखों रुपये गवां दिए। पुलिस विभाग लगातार लोगों को आगाह करता आ रहा है कि किसी भी ऑनलाइन स्कीम या विज्ञापन पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। अक्सर देखा गया है कि ठग विदेशी मोबाइल नंबर, नकली वेबसाइट और सोशल मीडिया पेज बनाकर भोले-भाले लोगों को लुभाते हैं। कई बार ये विज्ञापन इतने प्रोफेशनल ढंग से बनाए जाते हैं कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
🚨 पुलिस की अपील – सतर्क रहें, लालच से बचें
सदर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या इंटरनेट पर दिखने वाले किसी भी निवेश या लोन से जुड़े विज्ञापन पर तुरंत भरोसा न करें।
“अगर कोई स्कीम बहुत ज्यादा मुनाफा देने का दावा करे, तो समझ लें कि मामला संदिग्ध है। पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या वेबसाइट की जानकारी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत दें।
