एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में चिट्टे की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद पड़ोसी राज्यों से तस्कर सफेद जहर लेकर हिमाचल पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामले में पुलिस ने जुब्बल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पंजाब से चिट्टा बेचने आए एक युवक और युवती को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से 44.15 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप सिंह निवासी गांव डोनेमट्टर, जिला फिरोजपुर (पंजाब) और अमनप्रीत कौर निवासी गांव मत्तर हियार, जिला फिरोजपुर (पंजाब) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पंजाब से चिट्टा लेकर शिमला जिले के जुब्बल और रोहड़ू क्षेत्र में सप्लाई करने के इरादे से पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते उन्हें पहले ही पकड़ लिया गया। बुधवार रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति नशे की खेप के साथ इलाके में पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर दी और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
जुब्बल और रोहड़ू में युवाओं को चिट्टा बेचने की थी योजना
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह चिट्टा कहां से खरीदकर लाए थे और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी जुब्बल और रोहड़ू क्षेत्र में नशे के आदी युवाओं को यह चिट्टा बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिमला जिला में नशा तस्करी को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है। खासकर सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और नाकाबंदी बढ़ा दी गई है, ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले तस्करों पर कड़ी नजर रखी जा सके। इससे पहले भी जुब्बल और रोहड़ू क्षेत्र में पंजाब के कई तस्करों को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
71 दिन में 73 केस, 136 आरोपी गिरफ्तार
शिमला जिला पुलिस ने इस साल नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। विशेष अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार इस साल के शुरुआती 71 दिनों में पुलिस ने नशा तस्करी के 73 मामले दर्ज किए हैं और 136 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस की जांच में कई मामलों में दूसरे राज्यों में बैठे बड़े सप्लायरों का भी पता चला है। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं नशा तस्करी से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
