एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोकमित्र केंद्रों और आधार सेवाओं की निगरानी को और सख्त बनाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। यह कदम उन केंद्रों और ऑपरेटरों के लिए चेतावनी है, जो नियमों की अनदेखी करते हैं या अधिक शुल्क वसूलते हैं। राज्य में करीब 7,900 सक्रिय लोकमित्र केंद्र हैं, जो ग्रामीण इलाकों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करते हैं।
सरकार का मकसद सेवा वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना, अनियमितताओं पर रोक लगाना और नागरिकों को समय पर डिजिटल सेवाएं देना। सरकार ने साफ संदेश दिया है नियम तोड़ने वालों को कोई छूट नहीं, और पारदर्शी सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में डिजिटल सेवाओं की विश्वसनीयता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी, और नागरिकों को समय पर और सही सेवाएं मिलेंगी।
नई एसओपी में प्रमुख प्रावधान
तय शुल्क से अधिक वसूली करने पर पहली गलती पर CSC आईडी एक माह के लिए ब्लॉक होगी।
दोबारा उल्लंघन पर निलंबन बढ़ सकता है और लगातार नियम तोड़ने वाले की आईडी स्थायी रूप से रद्द कर दी जाएगी।
आधार ऑपरेटर केवल अधिकृत सरकारी परिसरों से नामांकन कर सकेंगे।
UIDAI मानकों का पालन करना अनिवार्य।
नियमों की अवहेलना या फर्जी नामांकन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ तत्काल निलंबन और नियमानुसार कार्रवाई।
निरीक्षण और अपील प्रक्रिया
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हर तिमाही कम से कम 15 केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।
ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLE) को अपील का अधिकार। किसी कार्रवाई को अनुचित लगे तो आदेश की तिथि से 15 दिनों के भीतर निदेशक के समक्ष अपील कर सकते हैं।
