एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
शिमला नागरिक सभा क्षेत्रीय कमेटी संजौली ने शहरवासियों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर, सचिव विवेक कश्यप, संजौली कमेटी के संयोजक पवन शर्मा, सह संयोजक अंकित दुबे और पूर्व अध्यक्ष विजेंदर मेहरा ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बताया कि संजौली उपनगर शिमला शहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां विभिन्न वर्गों के लोग रहते हैं। इसके बावजूद, मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण यहां रहने वाले नागरिक कई कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल जाते बच्चों और नागरिकों को रोजाना कुत्ते और बंदरों का सामना करना पड़ रहा है। जनवरी से अब तक लगभग 900 लोग घायल हो चुके हैं। नगर निगम और प्रशासन के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संजौली पुस्तकालय में छात्रों के लिए बैठने और पढ़ने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। नागरिक सभा मांग कर रही है कि लाइब्रेरी में मूलभूत सुविधाएं, वाई-फाई, और 24 घंटे खुलने की व्यवस्था की जाए। ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन के लिए सुबह और शाम बसों की संख्या न के बराबर है। नागरिकों को टैक्सी पर अधिक खर्च करना पड़ता है। संजौली में पिछले एक साल में नशे के कारण कई बच्चों की मौत हुई। प्रशासन को इस पर गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है। कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए महिला हॉस्टल की व्यवस्था की जाए। सड़क और स्ट्रीट लाइट बंद हैं, इनको दुरुस्त किया जाए। पानी, गार्बेज और हाउस टैक्स की सेवाओं की नियमित आपूर्ति हो और हर साल टैक्स में अत्यधिक बढ़ोतरी न की जाए। रेहड़ी फड़ीवालों को बसाया जाए और शहर में ढारो को नियमित किया जाए। डिस्पेंसरी में दवा की उपलब्धता करवाई जाए।
नागरिक सभा की चेतावनी:
यदि प्रशासन इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो शिमला नागरिक सभा आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन के लिए आम जनता को लामबंद करेगी।
प्रदर्शन में महेश वर्मा, सुनील वशिष्ठ, संजीव खजूरिया, नवीन, मोहन शर्मा, सुशील, कुलदीप तंवर, जितेंद्र, जसवंत, ओम प्रकाश, सत्यवान, संजू, उमा, चंपा, सुरेंद्र वर्मा, वीरेंद्र, राकेश वर्मा, सुरेंद्र स्वर्ण, सतेंद्र, प्रवेश, कृतिका, गोबिंद चीतरांटा, राजकुमार, सुहानी, आयुषी आदि उपस्थित रहे।
